दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बायनेन्स (Binance) पर एक बड़ा सायबर हमला हुआ है. इस हमले के चलते एक्सचेंज ने सभी तरह की डिपॉजिट और विड्रॉल (Deposit & Withdrawal) सेवाओं को रोक दिया है. इस वजह से दुनियाभर के लाखों निवेशकों का पैसा फंस गया है. बायनेन्स के हैक होने की खबर आते ही क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में पैनिक सेलिंग शुरू हो गई. बिटकॉइन की कीमत 4 फीसदी से ज्यादा गिर गई है. बायनेन्स के 100 से ज्यादा देशों में 32 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं. दुनिया के करीब 43% क्रिप्टो होल्डर्स बायनेन्स का इस्तेमाल करते हैं.
ब्लूमबर्ग की की एक रिपोर्ट के अनुसार, बायनेन्स ने इस सायबर हमले की पुष्टि की है. कंपनी ने कहा है कि एहतिहातन अब तक लगभग 2.54 अरब डॉलर मूल्य की एसेट्स को फ्रीज किया जा चुका है और यह आंकड़ा आगे बढ़ सकता है. कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “हमारी तकनीकी और सिक्योरिटी टीम तेजी से समस्या को सुलझाने, फंड्स को फ्रीज करने और लॉ इन्फोर्समेंट एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है.” कंपनी ने कहा है कि अगर निवेशकों को कोई आर्थिक नुकसान होता है तो उसकी भरपाई वह करेगी.
बायनेन्स के सह-संस्थापक और सबसे बड़े शेयरधारक चांगपेंग झाओ ने भी माना कि एक्सचेंज किसी सायबर हमले का शिकार हुआ हो सकता है. हालांकि, उन्होंने दावा किया कि यूजर्स की जमा पूंजी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी. इस बीच, ब्लॉकचेन एनालिटिक्स ट्रैकर Arkham ने कुछ संदिग्ध वॉलेट्स की पहचान की है, जिनमें करीब 5.9 अरब डॉलर की डिजिटल एसेट्स हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि यह पूरा फंड बायनेन्स से ही जुड़ा है.
हमले के बाद चुराए गए फंड को बाहर जाने से रोकने के लिए दुनिया की दिग्गज स्टेबलकॉइन कंपनियों ने भी मोर्चा संभाल लिया है. Tether ने बायनेन्स हमले से जुड़े 1.5 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के यूएसडीटी टोकन फ्रीज कर दिए हैं. Circle ने सायबर हमले के संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े लगभग 80 करोड़ डॉलर के फंड तुरंत ब्लॉक किए गए हैं.
