स्कूल की पढ़ाई पूरी होते ही ज्यादातर स्टूडेंट्स करियर को लेकर स्ट्रेस लेने लग जाते हैं. 12वीं बोर्ड परीक्षा से पहले ही बच्चे सीयूईटी, जेईई, नीट और CLAT जैसे एंट्रेंस एग्जाम्स की चर्चा करने लगते हैं. हर जगह बस यही डिस्कशन होता है कि प्रवेश परीक्षा के लिए किस कोचिंग से तैयारी करें और कैसे परीक्षा क्रैक करें. यह देखकर कई बार उन स्टूडेंट्स पर मेंटल प्रेशर बन जाता है, जो इन एंट्रेंस एग्जाम्स की अंधी दौड़ में शामिल नहीं होना चाहते.
हर स्टूडेंट का रास्ता एक जैसा हो, यह बिल्कुल जरूरी नहीं है. अगर आपका मन इंजीनियरिंग, मेडिकल या ट्रेडिशनल साइंस-मैथ्स की भारी-भरकम किताबों से उचट चुका है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. आपके लिए करियर के दरवाजे बंद नहीं हुए हैं. भारतीय एजुकेशन सिस्टम और कई बेहतरीन यूनिवर्सिटी में ऐसे ढेरों मॉडर्न, क्रिएटिव और प्रोफेशनल कोर्स हैं, जहां बिना किसी एंट्रेंस एग्जाम के यानी 12वीं मार्क्स पर एडमिशन मिल जाता है. जानिए प्रवेश परीक्षा के बिना किन कोर्सेस में एडमिशन ले सकते हैं.
प्रवेश परीक्षा के बिना किन कोर्स में एडमिशन मिलेगा?
इंजीनियरिंग के लिए जेईई, मेडिकल के लिए नीट, बीकॉम-बीएससी-बीसीए-बीबीए आदि के लिए सीयूईटी जैसी परीक्षाएं पास करना जरूरी है. कई स्टूडेंट्स 11वीं से ही इन एंट्रेंस एग्जाम्स की तैयारी शुरू कर देते हैं. लेकिन हर बच्चे के लिए ऐसा कर पाना मुमकिन नहीं है. जानिए कुछ ऐसे कोर्स, जिनमें एंट्रेंस एग्जाम के बिना भी एडमिशन मिल सकता है.
देश के कई कॉलेज-यूनिवर्सिटी में बीए, बीएससी और बीकॉम जैसे कोर्स में एडमिशन के लिए 12वीं के अंकों को ही आधार बनाया जाता है. अगर आप इंग्लिश, हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस, इकोनॉमिक्स या मैथ जैसे विषयों में ग्रेजुएशन करना चाहते हैं तो कई सेंट्रल और स्टेट यूनिवर्सिटी मेरिट लिस्ट के आधार पर सीधे एडमिशन देती हैं. ये कोर्स सिविल सर्विसेज, बैंकिंग, टीचिंग और कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए मजबूत बेस तैयार करने का मौका देते हैं. पढ़ाई के साथ-साथ स्किल्स पर काम करके बेहतरीन करियर की नींव रख सकते हैं.
अगर लीक से हटकर कुछ अलग और क्रिएटिव करने का शौक है तो मास कम्युनिकेशन, जर्नलिज्म, एनीमेशन, मल्टीमीडिया और फैशन डिजाइनिंग जैसे कोर्स एकदम परफेक्ट रहेंगे. डिजिटल युग में मीडिया और कंटेंट क्रिएशन का दायरा बहुत तेजी से फैल रहा है. कई टॉप प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटी इन कोर्सेस में डायरेक्ट एडमिशन के लिए केवल 12वीं के मार्क्स या कॉलेज लेवल के सिंपल एप्टीट्यूड इंटरव्यू को महत्व देती हैं. यहां डिग्री से ज्यादा क्रिएटिव पोर्टफोलियो और स्किल्स मायने रखती हैं.
मैनेजमेंट और कंप्यूटर प्रोफेशनल्स के लिए शॉर्टकट
कई स्टूडेंट्स को लगता है कि बीबीए या बीसीए जैसे प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम पास करना जरूरी है. हालांकि, कई बेहतरीन मैनेजमेंट और टेक्निकल इंस्टीट्यूट डायरेक्ट मेरिट बेस पर या इन-हाउस बेसिक असेसमेंट के जरिए 12वीं पास स्टूडेंट्स को एडमिशन देते हैं. बिजनेस मैनेजमेंट, कोडिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट या डिजिटल मार्केटिंग कोर्स समय की बचत करके सीधे कॉर्पोरेट वर्ल्ड के लिए तैयार करते हैं. इन क्षेत्रों में अनुभव और प्रैक्टिकल नॉलेज सबसे ज्यादा काम आती है.
अपने लिए सही रास्ता कैसे चुनें?
बिना एंट्रेंस एग्जाम के कॉलेज चुनते समय इस बात का खास ख्याल रखें कि आप सिर्फ भीड़ का हिस्सा न बनें. किसी भी कॉलेज में एडमिशन लेने से पहले उसकी मान्यता (Recognition), प्लेसमेंट रिकॉर्ड और वहां मिलने वाली प्रैक्टिकल ट्रेनिंग की पूरी जांच जरूर कर लें. 12वीं के बाद का पड़ाव करियर का टर्निंग पॉइंट है. इसलिए अपने पैशन को पहचानें और बिना किसी तनाव के अपने सपनों की उड़ान भरें.
